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Showing posts from July, 2024

शिवभक्तो ने ढाबे पर की मारपीट, तोड़फोड़..भ्रम की स्थिति के चलते हुई घटना

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- छपार पुलिस ने गुस्साए कावंड़ियों को किसी प्रकार समझा बुझाकर शांत कर आगे रवाना किया मुजफ्फरनगर । दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर सिसौना के पास ताऊ हुक्के वाला हरियाणवी टूरिस्ट ढाबे पर शुक्रवार दोपहर उस समय बवाल मच गया जब कांवड़ियों को खाने की थाली में प्याज मिली। गुस्साए हरियाणा के कांवड़ियों ने ढाबा कर्मियों को मारपीट कर दौड़ा लिया। ढाबे में जमकर तोड़फोड़ की। ढाबा कर्मियों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। सूचना मिलने पर पहुंची छपार पुलिस ने गुस्साए कावंड़ियों को किसी प्रकार समझा बुझाकर शांत कर आगे रवाना किया। जानकारी के अनुसार हरियाणा के पानीपत जिले के संभालका निवासी हरिओम, रविन्द्र, सतीश, अंकित आदि कावंड़ियों का दल हरिद्वार जा रहा था। . छपार थाना क्षेत्र में दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर सिसौना के पास स्थित ताऊ हुक्के वाला हरियाणवी टूरिस्ट ढाबे छपार में गांव परेई के चैराहे पर गांव निवासी प्रमोद कुमार का ढाबा है। इन कांवड़ियों को खाना खाने के दौरान सब्जी में प्याज मिल गई। इसे देखकर कावंड़ियों का पारा गरम हो गया। उन्होने होटल कर्मियों से एतराज जताते हुए विरोध किया, जिस पर कांवड़ियों एवं ढाबा कर्मियों के बीच जमकर

इंसानियत की हर जरूरत को पूरा करना इस्लाम की खासियत : मौलाना अतहर काजमी

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  जब कोई व्यक्ति सच्चाई और ईमानदारी के लिए लड़ता है तो यह उस व्यक्ति की परीक्षा होती है। हज़रत इमाम हुसैन के पैगाम क़यामत के दिन तक जीवित रहेंगे। : प्रो. अख्तर उल वासे  शोकगीत एक ऐसी शैली है जो आत्म-सम्मान की बात करती है। : डॉ. तकी आब्दी सीसीएसयू के उर्दू विभाग उर्दू विभाग, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और अंतर्राष्ट्रीय युवा उर्दू स्कॉलर्स एसोसिएशन (आईयूएसए) द्वारा आयोजित "अदबनुमा" के अंतर्गत 'कर्बला की घटनाओं का साहित्यिक एवं समसामयिक महत्व' विषय पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मेरठ ।कर्बला की घटना और इमाम हुसैन के बलिदानों को बार-बार व्यक्त किया जाता है, लेकिन हमें यह भी सोचना चाहिए कि इन बलिदानों से हमें क्या हासिल हुआ। इमाम हुसैन ने जुल्म के खिलाफ खुद को कुर्बान कर दिया, अब सोचने का वक्त है कि इसके बदले हमें क्या करना चाहिए. इस्लाम ने हमें नकारात्मक बातें नहीं सिखाईं. इमाम हुसैन और इस्लाम दोनों एक ही हैं, लेकिन हमें देखना होगा कि आज दुनिया कहां जा रही है. हमें इस बात पर गंभीरता से विचार करना चाहिए कि आज दुनिया में हथियारों का व्यापार हमें कहां ले जा रहा है

हत्यारोपी भाई की तलाश में पुलिस ने संभावित स्थानों पर दी दबिश, तलाश जारी

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  बीस लाख रूपए के बंटवारे को लेकर हुआ विवाद भाई ने की बहन की हत्या  अहमद हुसैन  दौराला । दौराला थाना क्षेत्र के रूहासा गांव में 20 लाख रूपए के बंटवारे के विवाद में भाई ने अपनी बहन की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। इस वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी भाई अपने परिवार सहित फरार हो गया। सूचना मिलते ही एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह और दौराला थाना पुलिस मौके पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर मोर्चरी भेज दिया है।  गांव रूहासा निवासी 75 वर्षीय किसान महावीर चौधरी ने एक दिन पूर्व अपनी दो बीघा जमीन 20 लाख में बेची थी। जिसके चलते किसान की बेटी 53 वर्षीय रीटा चौधरी पत्नी बिल्लू उर्फ सुनील निवासी गांव दोघट कस्बा बड़ौत जिला बागपत वर्तमान निवासी महरौली वेव सिटी सोमवार को अपने पिता के घर पहुंची।  जमीन के रुपयों को लेकर रीटा का अपने छोटे भाई अरविंद उर्फ नीटू से विवाद हो गया। मंगलवार सुबह भाई बहन में कहासुनी हो गई। जिस पर अरविंद चौधरी खेत पर चला गया। लगभग 10 बजे अरविंद स्कूटी से घर पहुंचा और बैड पर लेटी बहन पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी अपन

अजय सिंह पुंडीर को सौंपी गई युवा तहसील अध्यक्ष की जिम्मेदारी

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  चरथावल क्षेत्र के गांव रोनी हरजीपुर में भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक द्वारा एक बैठक का आयोजन किया, जिसमे जिला युवा अध्यक्ष अक्षु त्यागी व ब्लॉक अध्यक्ष कुशलवीर द्वारा संगठन में सदस्यता ग्रहण करवाई गई व कुछ लोगों को संगठन में अहम जिम्मेदारी भी सौंपी गई। चरथावल थाना क्षेत्र के गांव रोनी हरजीपुर में भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें ग्राम वासियों द्वारा युवा जिला अध्यक्ष अक्षु त्यागी ब्लॉक अध्यक्ष कुशलवीर का ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया। बैठक में भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के युवा जिला अध्यक्ष अक्षु त्यागी व ब्लॉक अध्यक्ष कुशलवीर द्वारा जहां लोगों को संगठन में सदस्यता ग्रहण कराई गई तो वहीं कुछ लोगो को संगठन में अहम जिम्मेदारी भी सौंपी गई। बैठक में ठाकुर अजय सिंह पुंडीर को युवा तहसील अध्यक्ष, ओमपाल सिंह को ब्लॉक सचिव, अंकित को ग्राम अध्यक्ष एवं बृजेश चौहान, राजकुमार मास्टर, अंगरेज अली, नरेंद्र राघव आदि को सदस्यता ग्रहण कराई गई।

दिल्ली दूरदर्शन उर्दू पर डॉक्टर फुरकान (आज) पेश करेंगे अपना कलाम

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  अहमद हुसैन  सरधना । शनिवार को (आज) दिल्ली दूरदर्शन उर्दू के प्रोड्यूसर एवम विख्यात शायर डॉ नज़्म इक़बाल की निगरानी में बीती 25 जून 2024 को दिल्ली दूरदर्शन उर्दू पर आयोजित "कवि हाज़िर है" प्रोग्राम में सरधना के नौजवान शायर एवं साहित्यकार डॉ फुरक़ान अहमद सरधनवी ने शिरकत कर अपनी शायरी प्रस्तुत की थी। साथ ही अशरफ़ अय्यूबी (कोलकता) निशा चंद्रा (नोएडा), ज्योति  (मुंबई) ने भी अपनी शायरी प्रस्तुत की थी। जब कि संचालन सलमान अहमद ने किया था। जिस का आज यानी 13 जुलाई को रात्री 8 बजे दिल्ली दूरदर्शन से सीधा प्रसारण होगा। तथा 14 जुलाई को दोबारा 1 बजे भी होगा।  डॉ फुरक़ान सरधनवी की इस से पहले भी दिल्ली दूरदर्शन उर्दू, ऑल इंडिया रेडियो नजीबाबाद और उर्दू सर्विस दिल्ली से कई बार शायरी प्रसारित हो चुकी है। तथा अब तक उन की हिंदी और उर्दू में 9 किताबें प्रकाशित हो चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार के एवम दूसरी साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा उन्हें शायरी और साहित्य के क्षेत्र में बहुत से पुरस्कार एवं अवार्ड मिल चुके हैं। अहमद हुसैन

उत्तराखंड में यूनानी मेडिकल कॉलेज के निर्माण को जल्दी ही पूरा कराए धामी सरकार : आरिफ जैदी

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  कलियर शरीफ में स्वीकृत गवर्नमेंट यूनानी मेडिकल कॉलेज के निर्माण में देरी उत्तराखंड में यूनानी चिकित्सा को बढ़ावा देने में एक बड़ी बाधा है: प्रोफेसर सैयद आरिफ ज़ैदी  नई दिल्ली ।ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस की राष्ट्रीय जनरल बॉडी की बैठक प्रोफेसर सैयद मोहम्मद आरिफ ज़ैदी (पूर्व डीन  यूनानी फैकल्टी जामिया हमदर्द की अध्यक्षता में तसमिया क़ुरान अकादमी देहरादून में आयोजित की गई। उन्होंने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि कलियर शरीफ में सात वर्ष पूर्व स्वीकृत गवर्नमेंट यूनानी मेडिकल कॉलेज का निर्माण सरकार की रुचि न लेने के कारण लटका हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्रांत में यूनानी चिकित्सा को बढ़ावा देने में यह बड़ी बाधा है।प्रोफेसर आरिफ जैदी ने आगे कहा कि आज हमारे लोगों में सर्जरी का चलन कम होता जा रहा है, जबकि यूनानी चिकित्सा पद्धति में सर्जरी को वही अहमियत हासिल है जो एलोपैथी को है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इलाज बिल्तदबीर में हिजामा का बहुत महत्व है लेकिन हमारे कुछ नासमझ लोग इसे मज़हबी जामा पहनाने का प्रयास कर रहे हैं जबकि यह पूरी तरह से साइंटिफिक है। उन्होंने इस बात पर जोर देते