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Showing posts from February, 2024

विश्व मातृभाषा दिवस पर आनलाइन सेमिनार का आयोजन

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  बीती रात उर्दू  बेदारी फोरम मुजफ्फरनगर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के संबंध में एक ऑनलाइन परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में उर्दू प्रेमियों ने भाग लिया और मातृभाषा की सरक्षण के लिए अपना संकल्प व्यक्त किया।  बैठक अध्यक्षता उर्दू टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष रईसुद्दीन राणा ने की, जबकि संचालन  मास्टर शहजाद अली ने किया। इस मौके पर हाजी उसाफ अंसारी ने कहा कि उर्दू भाषा को जिंदा रखने के लिए नई पीढ़ी को उर्दू सिखाना बहुत जरूरी है. डॉ. ताहिर कमर मीरापुरी ने कहा कि भाषा तभी जीवित रहती है जब उसकी लिपि जीवित रहती है उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि उर्दू भाषा को  जिंदा रखने के लिए जरूरी है कि हम सोशल मीडिया पर भी उर्दू लिपि का प्रयोग करें। उर्दू अखबार और पत्रिकाएँ खरीदें और पढ़ें और उर्दू लिखें और बोलें और नई पीढ़ी को उर्दू सीखने के लिए आकर्षित करें। उर्दू डेवलपमेंट के जिलाअध्यक्ष मो कलीम त्यागी ने कहा कि हमें शादियों और अन्य कार्यक्रमों के निमंत्रण पत्र उर्दू में प्रकाशित करने चाहिए ताकि उर्दू भाषा को बढ़ावा मिल सके। साथ ही अपने घरों के साथ-साथ अप

संवाद सफलता की ओर पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम: सलमान

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भारत की नई संसद के पवित्र हॉल में, एक ऐतिहासिक सभा आयोजित हुई, जिसने इस गहन सत्य को प्रतिध्वनित किया कि संवाद ही सफलता की आधारशिला है। एकता, अनेकता में एकता, शांति और सद्भाव के सार को अपनाने के लिए सीमाओं को पार करते हुए, पूरे भारत से विविध धार्मिक और आध्यात्मिक नेताओं की लगभग 25 अग्रणी और ज़िम्मेदार हस्तियाँ एकत्रित हुईं। विशेष रूप से राधा स्वामी सत्संग, ब्यास के प्रमुख श्री गुरिंदर सिंह ढिल्लों बाबाजी , प्यारे जिया खान अध्यक्ष बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट, नागपुर, जैसा कि उन सभी ने इस परिवर्तनकारी क्षण पर विचार किया, सभी प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और भारतीय अल्पसंख्यक फाउंडेशन के प्रेरक प्रयासों से पूरी तरह सहमत थे। आध्यात्मिकता और आस्था परंपराओं के पवित्र क्षेत्र में, जहां दैवीय वाणी युगों-युगों तक गूंजती रहती है, दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दी नशीन हाजी सैयद सलमान चिश्ती, संवाद के गहन महत्व और ज्ञान के लिए अपनी आवाज और साथ देते हैं जो शाश्वत के साथ गूंजता है। संवाद के रूप में सत्य केवल वार्तालाप नहीं है; यह वह आधारशिला है जिस पर सफलता, एकता और शांति की इमारत खड़ी है। अक्स

आई आई टी दिल्ली एलुमनाई संगठन के नए अध्यक्ष नरिंदर मदान व सचिव, डॉ संजीव श्रीवास्तव बने

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  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली एलुमनाई संगठन, जो संस्थान के 60000 पूर्व छात्रों का संगठन हैं, के उपचुनाव में सर्व सम्मति से श्री नरिंदर मदान (बी टेक 1975  बैच) अध्यक्ष व डॉ संजीव श्रीवास्तव (ऍम टेक 2004 व पीएच डी (नैनोटेक्नोलाजी) 2011 बैच) को सचिव चुना गया हैं। श्री नरिंदर मदान मुंबई के रहने वाले हैं एवं कई क्षेत्रों में कार्य किया हैं, तथा  डॉ संजीव श्रीवास्तव, बलिया, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं तथा इस समय डायरेक्टर स्किलिंग प्रोग्राम्स, आर्टपार्क, भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलोर में कार्यरत हैं। डॉ संजीव श्रीवास्तव ने देश के शोध छात्रों के लिए आई-स्टेम (www.istem.gov.in) जैसे वेबपोर्टल का निर्माण किया हैं, जिसे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2020 में देश के विज्ञान व इंजीनियरिंग के शोधार्थियों को समर्पित किया था।  अध्यक्ष व सचिव दोनों ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के डायरेक्टर, डीन (एलुमनाई), पूर्व अध्यक्ष व पूर्व सचिव तथा सभी 60000 आईआईटिअन्स का आभार व्यक्त किया।

2 न्यायिक अधिकारियों के निधन पर जानसठ में वकीलों ने किया शोक सभा का आयोजन

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फरीद अंसारी  जानसठ । जनपद मुजफ्फरनगर के नावला निवासी जिला जज  बलिया प्रमोद त्यागी और बदायूं में कार्यरत न्यायिक अधिकारी ज्योत्सना राय के आकस्मिक निधन पर अधिवक्ताओं ने 2 मिनट का मौन धारण कर शोक जताया। आज जानसठ बार परिसर में अधिवक्ताओ ने एक शोक सभा का आयोजन किया जिसमें मुख्य रूप से अध्यक्ष अजय पंत ,सचिव दीपेश गुप्ता, आरिफ शीश महली एडवोकेट ,तेजपाल कश्यप एडवोकेट, सुखचंद एडवोकेट, पूर्व अध्यक्ष शशि सैनी,अचल गोयल एडवोकेट, शमशुल हसन एडवोकेट, निशांत कंबोज एडवोकेट, सोनू कुमार एडवोकेट, पूर्व सचिव ज्ञानचंद सैनी, सतीश एडवोकेट, फुरकान एडवोकेट सहित दस्तावेज लेखक भी शोक सभा में शामिल रहे। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता आरिफ शीश महली द्वारा बताया गया कि जनपद न्यायाधीश प्रमोद त्यागी नावला के मूल निवासी थे जो  जिला बार संघ के सदस्य भी रहे हैं और वर्तमान में बलिया जनपद में एम ए सी टी के जिला जज थे जबकि न्यायिक अधिकारी ज्योत्सना राय इन दोनों बदायूं में कार्यरत थी ।दोनों न्यायिक अधिकारियों के निधन पर शोक जताते हुए शोक सभा की गई और न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन जानसठ में लंच के उपरांत अधिवक्तागण न्यायिक कार्यों