जीवन का मज़बूत स्तम्भ है पिता....

 



*पिता दिवस पर

राह दिखा कर कदम कदम चलना सीखाते

जीवन  का  मज़बूत  स्तम्भ  है पिता


घर की एक एक ईंट में शामिल खून पसीना 

घर द्वार  के  सुंदरता की  शान  है पिता


सारे रिश्ते उनके दम से, सारे नाते उनसे  है

मेरा साहस मेरी इज्जत मेरा सम्मान है पिता 


मांगता रहता ईश्वर से सदा बच्चे रहे सुखी

सारे संसार में हस्ती बड़ी महान  है पिता


क्या कर दूं बच्चों के लिए सोचता हरपल

आशा की किरण भरोसे का धूप हैं पिता 



बच्चों की सफलता के सपने देखता हरदम

बच्चों के सभी ख्वाब की उड़ान हैं पिता 


बच्चों को उदास देख कर खुद दुखी होता है 

बच्चों के लिए खुशियों की दुकान  है पिता 


गलत राह पर बच्चों को कभी चलने नहीं देता 

पृथ्वी  पर जो आया है वो भगवान है  पिता


सरिता जैन, मुरैना ✍🏻

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