चिल्लागाह अब गौशाला में होगा तब्दील...

 



(काज़ी अमजद अली)



मुज़फ्फरनगर :शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने बिहारगढ़ में  वन विभाग की सैंकड़ो बीघा भूमि पर पड़े खण्डर को अब गौशाला का रूप देने का आदेश अधिकारियों को दिया.  पूर्व में अवैध कब्जा कर पीर खुशहाल द्वारा बनाई गयी चिल्लागाह पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुवे चिल्लागाह को ध्वस्त कर दिया था।शुक्रवार को गाँव बिहारगढ़ पहुँचे केन्द्रीय मन्त्री डॉ. संजीव बालियान ने अधिकारियों को गौशाला का निर्माण करने के आदेश दिये हैं।



                 मुज़फ्फरनगर जिले के मोरना ब्लॉक् क्षेत्र के गाँव बिहारगढ़ मे स्थित कथित चिल्लागाह को ढाई वर्ष पूर्व प्रशासन द्वारा ध्वस्त




कर दिया गया था . वन विभाग की खाली पड़ी भूमि पर बड़ी गौशाला की स्थापना को लेकर केंद्रीय मन्त्री डॉ. संजीव बालियान व जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने वहाँ पड़े मलबे का निरीक्षण किया। 




केन्द्रीय मन्त्री ने सी डी ओ  आलोक यादव को आदेशित किया कि यहाँ पड़े खण्डर के मलबे की ईंटो को प्रयोग में लाकर चारों ओर की बाउन्ड्री वाल कराई जाए।तथा खाली पड़े बड़े हॉल में भूसा रखने की व्यवस्था की जाए। 11 नवम्बर 2020 को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने इस स्थान पर आम आदमी के प्रवेश को निषेध कर दिया था । गत 7जुलाई को इस स्थान पर हज़ारों कार्यकर्ताओं ने वृक्षारोपण कर इस स्थान को महावीर वाटिका के रूप विकसित करने का प्रण लिया था। वन विभाग की लगभग एक सौ बीघा भूमि पर पूर्व में ख्वाजा खुशहाल मियाँ की  चिल्लागाह को बनाया गया था ।लीज अवधि समाप्त होने के बाद चिल्लागाह को कब्ज़ामुक्त कराने के प्रयास वन  विभाग द्वारा जारी थे। अक्तूबर 2020 में केंद्रीय मंत्री डॉ.संजीव बालियान द्वारा इस भूमि को कब्ज़ा मुक्त कराने का अभियान चलाया गया। जिसके परिणाम स्वरूप चिल्लागाह पर ध्वस्तीकरण की कड़ी कार्रवाई की गयी थी। इस स्थान पर आज ध्वस्त की गयी शानदार इमारत का भारी  मलबा पड़ा हुआ है। हालांकि ख्वाजा खुशहाल मियाँ के मज़ार व इबादत गाह को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से अलग रखा गया है। ख्वाजा खुशहाल के मज़ार पर दर्शन करने की आज्ञा को लेकर उनके अनुयायी माननीय न्यायालय से गुहार लगाते रहे हैं।ख्वाजा ख़ुशहाल मियाँ के निधन के बाद भी देश विदेश में उनके अनुयायी इस स्थान से अपनी श्रद्धा को बनाये हुए हैं। जो ध्वस्तीकरण की कठोर कार्रवाई को न्याय संगत नही मानते हैं।सेंचुरी क्षेत्र में कब्ज़ा मुक्त हुई वन विभाग की सैकड़ों बीघा भूमि का श्रेय केन्द्रीय मन्त्री ने लेते हुवे इस स्थान पर पड़े मलबे की ईंट से एक बड़ी गौशाला के निर्माण के आदेश अधिकारियों को दिये हैं। व निराश्रित गौवंश को आश्रय प्रदान करने में एक बड़ी पहल बताया है।

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