आचार्य श्री धर्मेन्द्र उपाध्याय जी महाराज ने चौथे दिन भगवान कृष्ण के जन्म से संबंधित प्रसंग सुनाया

 


मुजफ्फरनगर के शिव दुर्गा मंदिर लक्ष्मण विहार में सात दिवसीय श्री मद्भागवत कथा के चोथे दिन की शुरुआत भगवान श्री कृष्ण के भजनों से हुई ।श्री वृंदावन से पधारे कथा व्यास आचार्य श्री धर्मेन्द्र उपाध्याय जी महाराज ने  चौथे दिन भगवान कृष्ण के जन्म से संबंधित प्रसंग सुनाया । आचार्य धर्मेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि भगवान कृष्ण का जन्म राक्षसों का संघार करने के लिए हुआ था। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री कृष्ण की  जय-जयकार के बीच पूर्ण श्रद्धाभाव के साथ उनका जन्मदिवस मनाया।कार्यक्रम स्थल को विभिन्न प्रकार के रंगों के गुब्बारों, फूलों से सजाया गया और बधाई गीतों के बीच भक्तिमय वातावरण बना रहा।



चौथे दिन की कथा में कथा व्यास आचार्य धर्मेंद्र उपाध्याय जी महाराज ने कहा कि संकल्प लेकर जो कार्य किया जाता है। उसको निश्चित रूप से सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने कथा श्रवण करने वाले श्रद्धालुओं का आह्वान किया कि वह श्रवण की गई कथा से संबंधित बिंदुओं को कथा स्थल पर ही न छोड़कर अपने जीवन में उनको अपनाएं। क्षत्रिय का जन्म भारत भूमि की पावन धरा पर इसीलिए होता है वह देश, धर्म, संत, सनातन और पितरो के साथ ही माताओं और बहनों की रक्षा कर सके। भागवत पुराण, वेद, उपनिषद, रामचरित मानस जैसे सभी ग्रंथों का नियमित रूप से वाचन और श्रवण करने  से हमें निश्चित ही धर्म लाभ होता है।

श्रीमद् भागवत कथा में  किसान चिंतक एवं वरिष्ठ समाजसेवी कमल मित्तल,बी के सूर्यवंशी , सचिन सिंघल , दिनेश बंसल, सुशील शर्मा, मोहित मलिक,प्रदीप गर्ग ,अर्जुन तिवारी, दयाशंकर तिवारी ,राकेश अग्रवाल आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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