बढ़ते अवसाद को रोकना है जरुरी: डा. भावना

 

-10 सितंबर से 10 अक्टूबर तक मानसिक स्वास्थ्य माह मना रहा है विश्व


मेरठ। पूरा विश्व 10 सितंबर से 10 अक्टूबर तक मानसिक स्वास्थ्य माह मना रहा है। मुस्कुराएगा इंडिया की मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर डॉ. भावना शर्मा कहती हैं कि कोविड-19 के चलते लोगों में अवसाद और तनाव बढ़ा है, जिसके चलते पूरे विश्व में आत्महत्या की घटनाएं बढ़ी है, जो कि चिंतनीय और विचारणीय हैं। मन को विचलित करने वाली हैं। मानसिक स्वास्थ्य जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित करता है।

शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य एक दूसरे से जुड़े हैं। हम शारीरिक  स्वस्थ्य ठीक करने को डॉ. के पास तो जाते हैं, परन्तु मानसिक परेशानी, चिड़चिड़ापन, मायूसी, उदासी, गुमसुम रहना, किसी से बात ना करना, चिल्लाना, सामान फेंक कर मरना, लगातार बोलते रहना या बिल्कुल चुप रहना आदि परेशानियों को हम अनदेखा करते रहते हैं, ज़ब तक ये कोई विकराल रूप ना धारण कर लें। परिवार के आसपास अगर हमें कोई ऐसा व्यक्ति नजर आता है जो पहले जैसे व्यवहार से अलग व्यवहार करता है तो हमें ऐसे व्यक्ति की मदद करनी चाहिए। उसे पहले विश्वास में लें ताकि, वह व्यक्ति आपसे अपनी परेशानी साझा कर सके। आप उसकी नकारात्मक सोच को सकारात्मक कर सकें। मानसिक रोग के प्रति आज उदासीनता की नहीं, जागरूकता की जरुरत है। मुस्कुराएगा इंडिया के प्रशिक्षित काउंसलर जो की एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी भी हैं, प्रतिदिन दो घंटे टेलीफोनिक कॉउंसलिंग करके लोगों की मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं को दूर कर रहे है। साथ ही राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक और स्वयसेविकाएँ भी लोगों को घर-घर जाकर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रही हैं।

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