लगातार बढ़ रही महिला उत्पीड़न के घटनाओं से महिला सुरक्षा के दावों की निकली हवा

 


काश वो सुन लें फरियाद मेरी.................???




(काज़ी अमजद अली)


मुज़फ्फरनगर:-----महिला उत्पीड़न की घटनाएं इतनी आम हो गयी हैं की उनकी गम्भीरता ही समाप्त होती जा रही है पुलिस थाने पर प्रत्येक दूसरा मामला महिला से जुड़ा है । महिला अपराध से जुड़ी घटनाओं की तहरीर मामलों की प्रसांगिगता पर सवाल खड़े  करती है ।बढ़ा चढ़ा कर लिखी गयी तहरीर हास्यास्पद प्रतीत होती हैं । किन्तु इसी आड़ में महिलाओं का शोषण लगातार बढ़ रहा है।शादीशुदा महिलाओं के उत्पीड़न के मामले दिनप्रतिदिन बढ़ रहे हैं ।प्रत्येक वर्ष विवाहिताओं द्वारा आत्महत्या के मामलों में इज़ाफ़ा हो रहा है ।


गत 6 अगस्त को बेटी की ससुराल गये पिता को उसके दामाद अन्यो ने मारपीट कर घायल कर दिया भोकरहेड़ी निवासी जब्बार अपनी बेटी की ससुराल तेवड़ा गाँव मे इसलिये गया था कि बेटी ने अपने साथ मारपीट होने की घटना की सूचना फोन पर दी थी उसके बाद पीड़िता फरीदा से ससुरालजनों ने मोबाइल भी छीन लिया आरोपियो के पास पड़ोस में रहने वालों ने भी फरीदा के उत्पीड़न की घटना को सच माना है । वहीं जब्बार ने अपनी बेटी फ़रिदा की सुरक्षा तथा अपने साथ हुई मारपीट के आरोपियो पर कार्रवाई को लेकर ककरौली थाने पर तहरीर दी है ।*


*एक दूसरे मामले में टनहेड़ा गांव निवासी बुशरा बताती हैं कि आठ वर्ष पूर्व उसकी शादी भोपा थाना क्षेत्र के गाँव नंगला बुज़ुर्ग में हुई थी पति ट्रक चालक अक्सर घर से बाहर रहता है तथा नशे का आदि है ।ननदोई जोकी टनहेड़ा गाँव का ही है पति की गैरमौजूदगी में उसपर बदनीयती ज़ाहिर करता है। पति तथा ससुराल जनों द्वारा लगातार  मारपीट से तंग आकर बुशरा तीन बच्चों के साथ मायका में रहने को मजबूर है इसमें दिलचस्प घटना एक ओर भी है पीड़िता ने पुलिस से उत्पीड़न की शिकायत की तो आरोपी ससुरालजनों ने भी बुशरा व पीड़िता के भाई के खिलाफ तहरीर दी डाली जिसमे बुशरा का आरोप है की उसके भाई को सात हजार रुपये रिश्वत के देने पड़े आरोपियो को तहरीर देने की सलाह किसने दी होगी ये तो जाहिर हो ही गया बुशरा न्याय के लिये उच्चाधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर है । आरोपियों के साथ साथ उन पुलिस कर्मियों की भी खबर लेनी ज़रूरी है जो खाकी को बदनाम करने का कोई मौका गंवाना नही चाहते ।*


*महिला उत्पीड़न की घटनाएं भले लिखी हुई तहरीर जैसी हरगिज़ न हों लेकिन उनमें उत्पीड़न की दास्तान सच्ची है। तीन तलाक का कानून बन जाने के बाद मुस्लिम विवाहिताओं के लिये और मुश्किल खड़ी हो गयी है । कड़े  कानून के चलते अब पति तलाक देता नही है इसीकारण पीड़िता का पीछा भी नही छूटता या तो वह दासी बनकर ससुराल में रहे या शादी के बाद भी अपने मायके में रहकर सहानुभूति का पात्र बने जब तक पति तलाक देगा नही महिला की दूसरी शादी हो नही सकती ।*

*अगर किसी ने धर्म विरुद्ध बिना तलाक लिये दूसरी शादी करने की जुर्रत कर भी ली तो अंजाम ककरोली की शाईस्ता जैसा भी होता है ।शाईस्ता को यही ताने जब दूसरी महिलाओं द्वारा दिये गए तो पत्नी की हत्या की सज़ा भुगत रहे पति ने बताया कि धर्म समाज से ऊपर होकर उसने शाईस्ता से शादी तो कर ली थी किन्तु उसका परिणाम कितना भयानकहोगा ऐसा उसने कभी नही सोचा था शाईस्ता के पहले  पति ने जब तलाक न दी तो परिजनों को मजबूरी में दूसरी शादी करने का कदम उठाना पड़ा था।भोपा थाना क्षेत्र के गाँव रुड़कली निवासी मौ.फरमान ने बताया कि उसकी बहन की शादी जानसठ थाना क्षेत्र के गाँव पिमोडा मे हुई थी लालची ससुरालजनों ने उसकी बहन के साथ ज़ुल्म की सभी सीमाओं को लांघ दिया ।उनकी शिकायत पर पति दो चार दिन जेल में भी रहा है अब उसने जौली गाँव मे दूसरी शादी भी रचा ली है उसकी बहन मायका में रह रही है आरोपी पति उसकी बहन को तलाक भी नही देता है उसकी बहन कि जिंदगी अज़ाब बन कर रह गयी है बहन के साथ हुवे अत्याचार के कारण पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है।

जानकारी के अनुसार मौ.फरमान के परिवार की रुड़कली के सभ्य शालीन परिवारों में की जाती है। आरोपी पति से किसी प्रकार छुटकारा मिल जाये अब यही उचित नज़र आता है।

महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की दास्तान यही खत्म नही हो जाती सेंकडो मामले थानों व न्यायालय में लगातार दर्ज हो रहे हैं। महिलाओं की सुरक्षा को गम्भीरता से न लेकर केवल खानापूर्ति करना पीड़िता द्वारा दी गयी  तहरीर पर उचित कार्रवाई न करने के कारण इन मामलों में कमी आना मुश्किल ही है। पीड़िता को भी चाहिये कि तहरीर में घटना को बयान करते समय केवल सच्चाई को ही लिखा  जाये अनावश्यक बातों को प्रदर्शित करना उनकी छवि को नुकसान ही पहुंचाएगा।