योगीराज में अच्छी व प्रगतिशील हुई प्राथमिक विद्यालय व शिक्षकों की छवि,

 योगी सरकार में शिक्षा पर बहुत जोर दिया जा रहा है, विशेष तौर पर प्राथमिक विद्यालयों का कायाकल्प हो रहा है, शिक्षकों की रोज नई नई ट्रेनिंग व प्रोजेक्ट वर्क ऑनलाइन दिया जा रहा है, ताकि शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण सुधार आ सके बच्चों का स्किल डेवलप हो सके, रोज अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं , शिक्षकों को नई नई टेक्निक उपलब्ध करा रहे हैं। लखनऊ से सभी विद्यालयों व शिक्षा अधिकारियों की मॉनिटरिंग हो रही है, ताकि जमीन से जुड़े बच्चे विकास कोशलता की तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर सकें, सेमिनारो, इंटरनेट के माध्यम से बच्चों को व शिक्षकों को ग्रुपो के माध्यम से प्रशिक्षण कराने का कार्य योगी सरकार द्वारा किया जा रहा है, इसमें जागरूक शिक्षक तो खुश है, किंतु आराम तलब शिक्षक को इस योजना से जोर पड रहा हैं।

उन शिक्षकों के लिए मैं कहना चाहूंगा ,कि योगीराज में शिक्षकों की कार्यशैली बदल गई ,समाज में जो उनकी  नकारात्मक  छवि व दायरा था ,कि प्राथमिकी शिक्षक कुछ नहीं करते फ्री का वेतन लेते हैं, सरकारी अध्यापक विद्यालय में स्वेटर बुनते रहते हैं, बच्चे बस विद्यालय में भोजन के लिए आते हैं, शिक्षक फोन पर लगे रहते हैं, और अपना समय पास करते हैं, बिल्कुल बदल गई ।आज प्राथमिक विद्यालय में नौकरी करना आसान नहीं रह गया, पब्लिक विद्यालय की तरह ही प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापकों का काम कठिन होता जा रहा है, कुछ प्राथमिक विद्यालय को योगीराज में अंग्रेजी माध्यम में कन्वर्ट किया गया है। प्रदेश के कुछ युवा जुझारू शिक्षकों ने बहुत अधिक मेहनत कर इन विद्यालयों को शिक्षा के उच्चतम मुकाम तक पहुंचाया और प्राथमिक शिक्षा जगत में एक नई क्रांति स्थापित की, इसी तरह प्राथमिक स्कूलों में प्रगतिशील वातावरण दीर्घकालीन समय तक बना रहा, तो आने वाले समय में यह सरकारी प्राथमिक विद्यालय पब्लिक स्कूलों को चुनौती देने में पीछे नहीं हटेंगे, इसमें अभिभावक कम फीस पर अपने बच्चों को अच्छी तकनीकी व कौशल विकास शिक्षा ग्रहण करा पाएंगे। योगी सरकार को चाहिए ऐसे शिक्षकों को चिन्हित करें जिन्होंने विद्यालय को उच्चतम शिखर पर पहुंचाने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया,उनका मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें जिला व प्रदेश स्तर पर पुरस्कार प्रदान करते रहे , कभी किसी ने कल्पना नहीं की थी, कि योगीराज में प्राथमिक शिक्षा का स्तर तकनीकी तौर पर भी इतने उच्च मुकाम तक पहुंच पाएगा, पुरातन काल में प्राथमिक विद्यालय के बच्चे ही आईएस व साइंटिस्ट का मुकाम हासिल कर देश को नए मुकाम पर पहुंचा चुके हैं ,हमें याद रखना चाहिए और राज्यों को भी उत्तर प्रदेश से शिक्षा लेनी चाहिए, और अपने राज्य में योगी जी के तकनीकी व प्रयोगात्मक सर्व शिक्षा अभियान को क्रियान्वित करना चाहिए।

अवतोष शर्मा 

स्वतंत्र पत्रकार

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