मस्जिदों में सामूहिक रूप से न तो इफ्तार किया जाए और न ही तरावीह का नमाज अदा की: UDO

Muzaffarnagar. UDO कोर्डिनेटर तहसीन अली ने कहा कि  पाक रमजान का महीना शुरू होनेवाला है। 24 अप्रैल को रमजान उल मुबारक का चाँद दिखने और 25 अप्रैल से शुरू होन वाले संभावित रमजान का रोजा शुरू होने पर घर में ही पढ़ी जाए।प्रेस वक्तव्य जारी कर उन्होंने कहा है कि इबादतों वाला रमजान महीना ऐसे वक्त में पड़ रहा है जब देश कोरोना वायरस जैसी महामारी से जूझ रहा है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब मुस्लिम समुदाय के लोग लॉकडाउन के बीच रमजान मनाएंगे। ऐसे में आवश्यक है कि रमजान पर भी पांच वक्त की नमाज, कुरआन की तिलावत के अलावा इफ्तार तरावीह की विशेष नमाज अपने-अपने घरों में ही अदा की जाए। मस्जिदों में सामूहिक रूप से न तो इफ्तार किया जाए और न ही तरावीह का नमाज अदा की जाए। सभी लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने, सभी जाति वर्ग के लोगों की सहायता करने और अफवाहों से दूर रहने की गुजारिश की गई है। किसी भी तरह की दावत या इफ्तार पार्टियों से भी परहेज करने, धार्मिक, सार्वजनिक व व्यक्तिगत स्थलों पर लॉकडाउन के साथ शारीरिक दूरी का अनुपालन का ध्यान रखने की बात कही है। कहा है कि वर्तमान समय में जो लोग मस्जिद में नमाज अदा कर रहे हैं सिर्फ वही लोग रमजान में भी नमाज और तरावीह पढ़ें। चाहे वह जुम्मा की नमाज ही क्यों न हो। अन्य लोग अपने-अपने घरों में रोजा खोलें और नमाज अदा करें। रमजान के मुबारक महीने में कोई भी इंसान भूखा ना रहे इसका भी लोग ख्याल रखें। इफ्तार पार्टियां आयोजित करने वाले लोग इफ्तार की समाग्री जरूरतमंदों के घर पहुंचाएं। उनकी सहायता करें और वैश्विक महामारी से मुक्ति के लिए दुआएं करें।