महिला ही परिवार की स्तम्भ है:इरम खान

विश्व महिला दिवस पर विशेष



एक महिला एक माँ, एक बहन, एक पत्नी, एक दोस्त या एक मृत भ्रूण है ... 


हम सभी जानते हैं कि किसी भी जीवन मे लिंग भूमिका और मानदंडों को निर्धारित करने में एक मजबूत भूमिका निभाता है नारी का जीवन जन्म से देने वाली माँ और जन्म लेने वाली बेटी दोनो का ही प्रथम दिन से एक संघर्ष पूर्ण समय से होता है एक प्रसूता और एक बालिका दोनो नारी का स्वरूप होते है


एक महिला पूरे परिवार की जड़ होती है वो ज़मीन के नीचे रहकर भी पूरे परिवार को सिंचती है वो खुद को काट कर पूरे पौधे को पनपाती है


 वो है परिवार 



वह एक पोषण, एक घर निर्माता, और एक आत्मा निर्माता है ...



वह महिला ही है जो असीम ताकत रखती है और सभी दुखों, उदासी, चिंताओं को अपने अंदर समाये रखती है और उसके चेहरे पर एक मुस्कान से वापस झलकती है



तो स्त्री की परिभाषा क्या है ...।


नारी बहुमुखी प्रतिभा का पैकेज है ... वह मजबूत है। दयालु, देखभाल करने वाली, प्रेम करने वाली, प्रतिबद्ध, प्रेरक, अद्भुत, अभूतपूर्व, उर्वर, सुंदर है।
महत्वाकांक्षी, गृह निर्माता, कुशल, आनन्दमय, समर्पित, और बहुत कुछ ।।



अगर एक महिला की क्षमताओं को लिखना शुरू कर दिया जाए तो मेरी कलम महिला के जन्म से अंत तक अपने परिवार पर निछावर करने वाले शब्दों को लिखती रहेगी ......


इसलिए, यह पृथ्वी पर जीवन बनाने के लिए सभी महिलाओं को सलाम करने का दिन है जिन्होंने जीवन को सुंदर और महत्वपूर्ण बनाया है



इरम खान


स्वतंत्र लेखिका


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