भीड़-भाड़ के आलम से बचने को तैयार नही शेरपुर के कुछ लोग

(अभिषेक)
 मुजफ्फरनगर के  शहर कोतवाली इलाके   के गांव शेरपुर में लोग अपने सहयोग की आहुति देने को तैयार नहीं।
आम जनमानस को कोरोना से बचाने की कवायद में जुटी सरकार ने पूरे देश में 21 दिन के लॉक डाउन की घोषणा की है,जिसके चलते शासन- प्रशासन पुलिस के सहयोग इसे अमलीजामा पहनाने में लगा हुआ है, लेकिन लोग सरकार को इस लॉक डाउन में गांव के कुछ लोग सहयोग देने के लिए तैयार नहीं है। यदि पुलिस कुछ सख्ती दिखाए तो शायद ये लोग अपने घरो में रुक सकते। शासन प्रशासन ने प्रातः 6:00 बजे से 9:00 बजे तक आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के लिए आम जनमानस को छूट दी है, लेकिन लोग इसका नाजायज फायदा उठाने से भी बाज नहीं रहे हैं। जिस से शेरपुर गांव  में आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी करने वालों से ज्यादा तमाशबीनो की भीड़ है। जिस कारण बाजार में भारी भीड-भाड का आलम तैयार हो रहा है। उधर धनाढ्य वर्ग भीड़-भाड़ का आलम तैयार करने में मेहनत मजदूरी कर खाने वालों से ज्यादा अपना सहयोग दे रहा है। धनाढ्य वर्ग अपनी जीभ पर काबू करने के लिए तनिक भी तैयार कर नहीं है और वह रोजाना की जिंदगी जीना पसंद कर रहा है। बाजारों से ऐसी ऐसी वस्तुओं की खरीदारी की जा रही है जो जीवन के लिए आवश्यक नहीं है। आखिरकार हम बिना कार्य के घर से बाहर निकल कर क्या संदेश देना चाहते हैं।