आशा-संगिनीयों को किया निर्देशित, संदिग्ध मरीज मिलने पर करे सूचित


मुजफ्फरनगर। (संजय वर्मा)
देश में बड़े रहे कोरोना के खौफ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट नजर आ रहा है। शहर से लेकर गांव तक साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़े’ के अंतर्गत ब्लॉक जानसठ में एएनएम, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं ने एक गोष्ठी आयोजित की। जिसमें साफ-सफाई के प्रति लोगों को जागरुक करते हुए कोरोना वायरस से बचने के उपाय बताए। और कैंप लगाकर लोगों को हाथ धोने की प्रक्रिया भी समझाई। और प्राथमिक स्कूलों में जाकर दिशा-निर्देश दिए। 
प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. शरण सिंह ने बताया कि गंदगी के कारण बीमारियां फैलती हैं। रोगों का विस्तार होता है और जानलेवा बीमारी के वायरस लोगों में सक्रिय हो जाते हैं, जिससे जान जाने का खतरा रहता है। संक्रामक रोग केवल गंदगी से होते है, जिले की 498 ग्राम पंचायतों में पखवाड़े के तहत विशेष सफाई अभियान चलाया गया है। अभियान के तहत साफ-सफाई, जलभराव रोकने और शुद्ध पेयजल उपलब्ध पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ग्राम प्रधान अपने गांव में अभियान के नोडल अधिकारी के रुप में लोगों को जागरुक करने का काम कर रहे है। ग्राम स्तर पर साफ-सफाई, हाथ धोना, शौचालय की सफाई और घर से जल निकासी हेतु जन-जागरण के लिए प्रचार-प्रसार कर रहे है। साथ ही पेयजल स्रोतों, संसाधनों से शौचालयों के सीवर को दूर बनाने के लिए लोगों में जागरुकता फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर तालाब, और नालियों की नियमित सफाई, फॉगिंग की व्यवस्था, संक्रमण और प्रदूषण की उत्तरदायी खुली नालियों को ढकना, गांवों में कूड़ेदान की स्थापना में सहयोग करें। ताकि गंदगी से होने वाली बीमारी न पनपने पाएं। साथ ही कोई भी संदिग्ध मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित करे।


प्रधान निभा रहे अहम जिम्मेदारी



पखवाड़े के नोडल बने ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों के साथ बैठक के दौरान कहा कि सभी का सहयोग ही जानलेवा बीमारी से बचा सकता है। उन्होंने दिमागी बुखार से बचाव और उपचार संबंधित जानकारी देते हुए पीड़ित होने पर सरकारी अस्पताल जाने के लिए प्रेरित किया।



अन्य विभाग से भी मिल रहा सहयोग



डीपीआरओ अनुज सक्सेना ने बताया कि पखवाड़े के तहत जल निगम, पशु पालन और कृषि विभाग को जोड़ा गया है। जो ग्राम प्रधान से संपंर्क स्थापित करके विभाग से संबंधित जानकारियां लोगों को दिला रहे है। वहीं आशा, एनएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकत्री भी जिम्मेदारी निभा रही है।