सक्रिय क्षय रोगी  खोज अभियान शुरू

(रविता)


 


मुजफ्फरनगर, 17 फरवरी 2020 । जनपद में टीबी के छिपे हुए रोगियों को तलाशने के लिए सोमवार से सक्रिय क्षय रोगी  खोज अभियान शुरू हुआ । अभियान का शुभारंभ जिला अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. प्रवीण चोपड़ा ने किया। जनपद के ब्लॉक मखयाली, बघरा, शाहपुर, चरथावल, खालापार, शेरपुर, पुरकाजी, मोरना, जानसठ, खतौली आदि में इस अभियान का शुभारम्भ ब्लॉक प्रमुख, प्रतिनिधि एवं समाजसेवियों ने किया। इस अभियान का लक्ष्य उन टीबी रोगियों का इलाज करना है जो किसी कारण से अभी तक इलाज शुरू नहीं करा पाए हैं। भारत सरकार का सन 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य है। इसके तहत टीबी उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। अभियान 29 फरवरी तक चलेगा। 


जिला क्षय रोग अधिकारी डा. लोकेशचंद्र गुप्ता ने बताया जिले में 5400 टीबी रोगियों का उपचार चल रहा है। इनमें से 900 प्राइवेट अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। इन मरीजों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में ऐसे मरीज हैं जो जागरूकता के अभाव में इलाज नहीं कराते हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर संदिग्ध टीबी रोगियों के बलगम के नमूने लेकर जांच करेंगी। इसके लिए 117 टीम गठित की गयी हैं । एक टीम में तीन सदस्य रहेंगे। गठित 117 टीम 41919 घरों में जाकर टीबी रोगी खोजेंगी। 19 सुपरवाइजर नियुक्त किये गये हैं। 


डा. गुप्ता ने कहा  टीबी होने पर जितना जल्दी संभव हो, उपचार शुरू हो जाए तो बेहतर है, और टीबी का उपचार शुरू करने पर उसे बीच में हरगिज न छोड़ें। फेफड़े की टीबी वाले मरीज के खांसने और छीकने से यह रोग फैलता है और मरीज अपने आस-पास रहने वाले लोगों को भी यह बीमारी दे देता है। दरअसल मरीज के बलगम में टीबी के जीवाणु पाए जाते हैं और यह जीवाणु उसके खांसने और छीकने से हवा में फैल जाते हैं। सांस लेने पर स्वस्थ व्यक्ति के फेफड़ों में पहुंचकर यह जीवाणु रोग उत्पन्न कर सकते हैं।


 


टीबी के लक्षण 


15 दिन से अधिक खांसी रहना


खांसी के साथ बलगम आना


शाम के समय बुखार आना


वजन कम होना


भूख कम हो जाना


सीने में दर्द 


बलगम के साथ खून आना


प्रभावित अंग के अनुसार लक्षण