प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना  पंजीकरण फार्म में मोबाइल नम्बर जरूर दर्ज करें लाभार्थी- डा. पूजा -  बैंकों के आईएफएस कोड बदलने से किस्तों की राशि ट्रांसफर करने से आ रही परेशानी  

संजय वर्मा


मेरठ। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थी पंजीकरण फार्म में अपना मोबाइल नम्बर जरूर दर्ज करें। इससे उनको योजना के तहत मिलने वाले लाभ में यदि कोई परेशानी आती है तो विभाग उनसे सम्पर्क कर उसका समाधान करेगा। कुछ बैंकों के विलय होने से उनके आईएफएस  कोड (इंडियन फाइंनेसिंयल सिस्टम कोड) बदल गये हैं, जिसके कारण योजना की राशि ट्रांसफर करने में दिक्क्त आ रही है। यह जानकारी योजना की नोडल अधिकारी डा. पूजा शर्मा ने दी है।
 डा. पूजा ने बताया योजना के पंजीकरण फार्म आम तौर पर लोग आशा और एएनएम के माध्यम से भरवाते हैं। फार्म पर मोबाइल नम्बर डालना वैकल्पिक होता है, इसलिये लोग इसे नहीं भरते हैं। उन्होंने बताया पिछले दिनों कुछ बैंकों का विलय हो गया है। इसकी वजह से कई बैंकों के आईएफएस कोड बदल गये हैं। इस कारण लाभार्थियों की किस्त बैंक खाते में पहुंचाने में दिक्क्त आ रही है। यदि पंजीकरण के समय लाभार्थी मोबाइल नम्बर दर्ज कर दें तो उन्हें किस्तों की सूचना समय-समय पर मिलती रहेगी। समय-समय पर वह अपना स्टेटस भी जान सकेंगे। उन्होंने बताया हालांकि विभाग ऐसे लोगों, जिन्होंने मोबाइल नम्बर नहीं दिया है उनसे आशा व एएनएम के माध्यम से सम्पर्क करने का प्रयास कर रहा है।
 जिले में 2 दिसम्बर से 10 तक चले अभियान में 4756 लाभार्थी पंजीकृत किये गये। इसमें शहरी क्षेत्र (अर्बन) में 1397 लाभार्थी थे। सरधना ब्लॉक ने यूपी में 11 वां स्थान हासिल किया है। अभियान शहरी क्षेत्र, सरधना, दौराला, रोहटा,परीक्षितगढ, व माछरा में चलाया गया।
प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 5000 रूपये की धनराशि प्रथम बार मां बनने वाली महिला को दी जाती है। पंजीकरण कराने के साथ ही गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में 1000 रूपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जाँच होने पर (गर्भावस्था के छह माह बाद) दूसरी किश्त के रूप में 2000 रूपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर तीसरी किश्त के रूप में 2000 रूपये दिए जाते हैं। भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में ही किये जाते हैं। इस योजना का लाभ सभी सही पात्र लोगों को मिल सके इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। यह सुविधा अमीर, गरीब व किसी भी जाति बंधन से मुक्त है। केवल महिला सरकारी कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ नहीं दिया जाएगा। यह योजना पूर्णत: निशुल्क है, इसमें किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता है।


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