एनीमिया मुक्त भारत अभियान ,  बच्चों के साथ शिक्षक भी खाएंगे आयरन की गोली


 
मेरठ । एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत सभी स्कूलों में बच्चों के साथ शिक्षक भी आयरन की गोलियां खाएंगे। सभी सरकारी स्कूलों में हर सोमवार को गोलियां खिलाई जाएंगी। इस दौरान खेल-खेल में बच्चों को एनीमिया से बचने के तरीके भी बताए जाएंगे। यह अभियान 31 मार्च 2020 तक चलेगा। यह जानकारी नोडल अधिकारी डा. प्रवीण कुमार गौतम ने दी।
डा. गौतम ने बताया अभियान के तहत एनीमिया यानी खून की कमी से ग्रसित 19 साल तक के किशोर-किशोरियों और गर्भवती तथा धात्री महिलाओं में तीन फीसदी कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। एनीमिया मुक्त भारत अभियान मेरठ समेत प्रदेश भर में चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया सभी प्राथमिक, माध्यमिक स्कूलों  के विद्यार्थियों को चार सप्ताह तक प्रत्येक सोमवार को आयरन की गुलाबी या नीली गोली खिलायी जाएगी। स्कूलों के शिक्षक अपनी निगरानी में बच्चों को गोली खिलाएंगे। नोडल अधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को पत्र के माध्यम से कहा है कि अभियान को सफल बनाने के लिये दो शिक्षकों को नोडल नियुक्त करें। नोडल शिक्षक अपने क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) के संबंधित चिकित्सा अधिकारियों/ डाक्टर का नम्बर अपने पास रखें। उन्होंने बताया कभी-कभी आयरन की गोली खाने से बच्चों के पेट में दर्द व जी मचलाने जैसी शिकायत आ जाती है। ऐसा होने पर सीएचसी पर मौजूद चिकित्सक को फोन कर तत्काल मदद ली जा सकती है। उन्होंने बताया बच्चों को आयरन की गोली देने से पहले शिक्षक स्वयं उसका सेवन करेंगे, जिससे बच्चे आयरन की गोली खाने से न झिझकें। उन्होंने बताया खेलकूद, पोस्टर प्रतियोगिता, लघु नाटक, प्रदर्शनी के माध्यम से किशेार व किशोरियों को एनीमिया के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके लिये डीआईओएस को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की ओर से पत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया अभियान के तहत कक्षा एक से कक्षा पांच तक के बच्चों को गुलाबी गोली व कक्षा 6 से 12 तक बच्चों को नीले रंग वाली गोली खिलाएगी जाएगी। गर्भवती महिलाओं को लाल रंग की गोली दी जाएगी।
 आयरन की कमी से होता है एनीनिया
डा. गौतम ने बताया एनीमिया तब होता है जब खून में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से काफी कम हो जाता है। यह आयरन की कमी की वजह से होता है। उन्होंने बताया किशोरियों के रक्त में सामान्य हीमाग्लोबिन 12 ग्राम और किशोरों में 13 ग्राम होना चाहिए। एनीमिया के लक्षण में थकान, सिर दर्द, कमजोरी, दिल की धड़कन तेज होना या अनियमित होना, सांस लेने में दिक्क्त आदि शामिल है। हीमोग्लोबिन कम होने से शरीर पीला पड़ जाता है।