बिना परमिट दौड़ रहे अवैध टैंपूओं पर कौन करेगा कार्यवाही?

Ahmad husain


 बेखौफ, अनियंत्रित, बेलगाम, अवैध, रूप से सरधना बिनोली  मार्ग पर दौड़ रहे टेंपो। कब चली जाए किस की जान इनको नहीं परवाह। सरकारी मशीनरी भी कर रही इन सबको अनदेखा। पूर्व में हुई कई घटनाओं से भी नहीं लिया किसी ने सबक। पूर्व में हुई टैम्पो दुर्घटनाओं में तक जा चुकी है कई लोगों की जान। आज फिर बिनोली मार्ग पर टेंपो पलटने से जा सकती थी कई लोगों की जान।,,,


शासन-प्रशासन के बड़े-बड़े दावों के बाद भी आमजन की परेशानियां दूर होती नजर नहीं आ रही है अपनी जान पर खेलकर डग्गामार अवैध टेंपो में सफर करना ऐसी मजबूरी है जिसका निदान शायद ही हो सके। वर्षों पहले सरधना से बिनोली तक चलने वाली प्राइवेट बसों  के संचालन को अचानक रोक दिया गया था। तब से आज तक एक दशक गुजर गया परंतु कोई सुविधा उन ग्रामीणों को नहीं मिली जो इस मार्ग पर आते जाते हैं। और शायद किसी नेता प्रशासनिक अधिकारी ने भी इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया। इस रूट पर कई इंटर डिग्री कॉलेज है जिसके छात्र छात्राओं को जाने में कितनी परेशानी होती है शायद इसे कोई नहीं समझ पाएगा 22 किलोमीटर लंबी इस रूट पर बस एक ही सहारा है अवैध रूप से चल रहे टेंपो तीन थाना क्षेत्रों और 3 विधायक क्षेत्र से गुजरने वाले इन टैंपू पर शायद परिवहन विभाग और पुलिस की नजर नहीं है? या फिर यह कहा जाए के दोनों ही विभागों की   इन अवैध रूप से दौड़ रहे 5 सवारियों की जगह पर 12 सवारियां लेकर चलने वाले मौत के टेम्पो पर मेहरबानी है। इन अवैध टेंपो के  चालक 12 साल से लेकर 65 साल के बुजुर्ग तक है जिन पर ना कोई लाइसेंस है और ना ही कोई फिटनेस सर्टिफिकेट। बाकायदा इन टेंपो ने अपने स्टैंड भी बनाए हुए हैं और मुंशी भी है जो सड़क के बीच टेंपो खड़ा करके सवारी भरते हैं लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को नजर नहीं आते। यही टेंपो चालक बीच सड़क पर किराए को लेकर सवारियों से लड़ते झगड़ते देखे जा सकते हैं। बताते चलें कि पूर्व में इन्ही डग्गामार अवैध टेंपो से कई मौतें हो चुकी हैं एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में कई घटनाएं सामने आ चुकी है लेकिन आज तक एक भी टेंपो  टेंपो पुलिस ने ना पकड़ा न सीज किया आज की घटना मैं कई लोगों की जान जा सकती थी अब देखना यह है के स्थानीय पुलिस इन अवैध टेंपो पर क्या कार्रवाई करती है आश्चर्य तो उस समय होता है ज एक और रूट सरधना से सलावा मार्ग पर चलने वाले उन गणेश टेंपो पर सवारिया छत पर बैठ कर जाती है ना उन पर कोई नंबर है नहीं कोई रजिस्ट्रेशन जिन्होंने अपना स्टैंड भी एसडी गर्ल्स इंटर कॉलेज के गेट पर बनाया हुआ है जिसकी शिकायत कई बार स्कूल प्रशासन ने उच्च अधिकारियों से की है परंतु कोई कार्यवाही ना होने से वह भी निराश चुपचाप बैठ गए क्या इन मार्गों पर रहने वाले ग्रामीणों को कुछ बेहतर सुविधा मिल पाएगी यह चिंतन का विषय है.


अहमद हुसैन
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