ईवान मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर के दिन अब बहुरने वाले है, खरीद रहे है NRI




मुजफ्फरनगर। पंजाब नैशनल बैंक से ऋण पर ली गई 27 करोड़ से अधिक की धनराशि अदा नहीं करने पर अपने अस्तित्व को लेकर संकट में घिरने वाले जनपद के पहले सबसे बड़े ईवान मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर के दिन अब बहुरने वाले हैं। आर्थिक परेशानी का सामना करने वाले इस हॉस्पिटल को अब अमेरिकी उद्योगपति खरीद रहे है। प्रक्रिया पूरी होने की तैयारी है। ऋण दाता बैंक से सारे नियम शर्तें तय हो चुकी हैं। अब इस हॉस्पिटल को अमेरिका में बसे एनआरआई चलायेंगे। इससे इस हॉस्पिटल के स्टाफ सहित यहां पर कार्य कर रहे चिकित्सकों में भी खुशी का वातावरण बना हुआ है। इस हॉस्पिटल ने अपने संचालन के दौर से आज तक विवादों के कारण काफी सुर्खियां बटोरी अब एनआरआई खरीददार मिलने के कारण हॉस्पिटल को नये कलेवर मिलने की उम्मीद ने मुजफ्फरनगर में चिकित्सा जगत में नया जोश पैदा करने का काम किया है। इससे बैंक का सिरदर्द भी खत्म होने का रास्ता खुला है। अभी इस सौदे के फाइनल होने के लिए नैशनल कम्पनी लॉ ट्रिब्यूनल यएनसीएलटीद्ध दिल्ली के आदेश का इंतजार किया जा रहा है। बता दें कि शहर के कुछ प्रतिष्ठित चिकित्सकों और अन्य लोगों ने मिलकर भोपा रोड पर किरण सिटी के पास ईवान मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल एवं रिसर्च सेंटर स्थापित किया था। सूत्रों के अनुसार डा. अनिल सिंह को इसका सीईओ बनाया गया, जबकि इसके बोर्ड आॅफ डायरेक्टर में शहर के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डा. आरबी सिंह, वरिष्ठ फिजिशियन डा. पंकज जैन के अलावा डा. हृदयेश कुमार, डा. खुराना, डा. अनुराधा, डा. प्रमोद जैन और रविन्द्र साहनी शामिल रहे। इस हॉस्पिटल के रूप में अपनी महत्वकांक्षी योजना को धरातल पर लाने के लिए इन चिकित्सकों व इनके साथ शामिल लोगों ने एक प्रबंधन के रूप में काम किया और हॉस्पिटल निर्माण के लिकए पीएनबी की नईमंडी शाखा से 27 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण लिया था। बैंक अधिकारियों के मुताबिक, इस हॉस्पिटल के निर्माण के लिए ऋण स्वीकृति 30 मार्च 2013 में हुई थी। हास्पिटल संचालन के लिए पांच करोड़ रुपये की लिमिट भी कराई गई थी। हॉस्पिटल को दिये गये ऋण पर प्रतिमाह 30 लाख रुपये से अधिक ब्याज धनराशि बन रही थी। मूलधन और ब्याज का कुछ हिस्सा जमा करने के बावजूद हास्पिटल पर 27.5 करोड़ रुपये बकाया थे। समय पर किस्तें जमा न करने के कारण यह हॉस्पिटल आर्थिक संकटों से घिरता चला गया और मार्च 2018 में हॉस्पिटल का खाता पीएनबी ने नान परफार्मिग एसेट्स एनपीए घोषित कर सिक्योरिटाइजेशन एक्ट-2002 के तहत कार्यवाही शुरू कर दी थी। हॉस्पिटल के संकट में घिरने के साथ ही हास्पिटल निदेशक मंडल में शहर के नामी चिकित्सक भी सवालों के घेरे में आने लगे थे। सूत्रों की मानें तो निदेशक मंडल में आपसी सामंजस्य नहीं होने के कारण ही ऐसे हालात बन गए कि ईवान हॉस्पिटल पर बन्दी का खतरा मंडराने लगा। पंजाब नेशनल बैंक ने ईवान हास्पिटल पर कब्जे का नोटिस चस्पा कर दिया और इस नोटिस के चस्पा होने के साथ ही अस्पताल पर नीलामी के बादल मंडराने शुरू हो गए थे। पीएनबी नई मण्डी के शाखा प्रबंधक सुनील रावल की देखरेख में ओवरड्यूज के कारण बैंक ने ईवान हॉस्पिटल पर जुलाई 2018 में च्सबोलिक पजेशन लिया था। ईवान हास्पिटल की ऋण अदायगी अटकने पर बैंक ने खाता एनपीए कर नियमानुसार कब्जा कार्यवाही शुरू करने के साथ ही बैंक सिक्योरिटाइजेशन एक्ट के तहत आगे कदम बढ़ा दिया था। जिसके बाद ईवान हॉस्पिटल के संचालन पर ही सवाल खड़े हो गये थे। यह माना जा रहा था कि अब ईवान हॉस्पिटल बन्द हो जायेगा। यह भी माना जा रहा था कि नीलामी के चलते इस हॉस्पिटल को होटल में बदला जा सकता है। अब ईवान हॉस्पिटल के बन्द होने के संकट दूर होता नजर आ रहा है। इस हॉस्पिटल को यूएसए अमेरिका में उद्योग चला रहे एनआरआई के द्वारा खरीदा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो एनआरआई ने खरीदने की प्रक्रिया को काफी हद तक पूरा कर लिया है। बैंक के ऋण के लिए भी कुछ शुरूआती रकम एनआरआई के द्वारा जमा करायी जा चुकी है। जल्द ही इस हॉस्पिटल की खरीद की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जायेगा और इस पर एनआरआई का कब्जा होगा। बताया गया है कि एनआरआई मूल रूप से जनपद के मन्सूरपुर थाना क्षेत्र के गांव नावला निवासी हैं। यूएसए में इनका पैट्रोल डीजल का बड़ा कारोबार है। सूत्रों ने बताया कि एनआरआई की ईवान हॉस्पिटल में सेवा दे रहे निदेशक मण्डल में शामिल चिकित्सकों से भी वार्ता हो चुकी है। एनआरआई इस हॉस्पिटल को इसी प्रकार से संचालित करने की तैयारी में है। इससे हॉस्पिटल स्टाफ और चिकित्सकों में हर्ष की लहर है।


एनसीएलटी दिल्ली में अभी मामला बाकी, जल्द होगा सौदा: डीजीएम
मुजफ्फरनगर। पंजाब नैशनल बैंक मण्डल कार्यालय नई मण्डी के डीजीएम एमपी सिंह का कहना है कि ईवान हॉस्पिटल को 27 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण अदायगी नहीं किये जाने पर एनपीए घोषित कर ऋण वसूली के लिए कार्यवाही प्रारम्भ की गयी थी। उन्होंने कहा कि अभी यह मामला नैशनल कम्पनी लॉ ट्रिब्यूनल एनसीएलटी दिल्ली में चल रहा है। उन्होंने कहा कि एनआरआई के द्वारा हॉस्पिटल को खरीदने की प्रक्रिया चल रही, लेकिन एनसीएलटी दिल्ली से आदेश का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तैयारी हो चुकी है। अभी बैंक को किसी भी प्रकार की रकम अदा नहीं की गयी है। उन्होंने आशा जतायी कि जल्द ही इस मामले का सुखद हल होगा। बैंक को अपनी रकम मिलेगी और हॉस्पिटल भी चलेगा।
हॉस्पिटल का मैनेजमेंट संभालने को तैयार नहीं चिकित्सक


मुजफ्फरनगर के भोपा रोड स्थित ईवान हॉस्पिटल अब नये कलेवर में सामने आने जा रहा है। पीएनबी को उसका पैसा मिलने के साथ ही इस हॉस्पिटल के साथ जुड़ा विवाद भी खत्म होने जा रहा है। इस हॉस्पिटल को अब एनआरआई अमेरिका से चलायेंगे। सूत्रों के मुताबिक एनआरआई ईवान हॉस्पिटल का संचालन यहां पर निदेशक मण्डल में शामिल रहे चिकित्सकों को ही सौंपना चाहते हैं। लेकिन पूर्व के कडुवे अनुभव को देखते हुए निदेशक मण्डल में शामिल रहे चिकित्सक ईवान हॉस्पिटल के लिए नये सिरे से मैनेजमेंट संभालने को तैयार नहीं है। ईवान हॉस्पिटल के निदेशक मण्डल में शामिल एक चिकित्सक ने बताया कि कोई भी चिकित्सक मैनेजमेंट संभालने के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि दो नाव की सवारी के चक्कर में ही ईवान के समाने संकट खड़ा हुआ था। साफ कर दिया गया है कि जो चिकित्सक हैं व केवल चिकित्सा कार्य तक ही सीमित रहेंगे। इन चिकित्सकों ने सुझाव दिया है कि ईवान हॉस्पिटल को भी प्रोफेशनल मैनेजमेंट स्टाफ के सहारे चलाया जाये।