डॉ.तारिक सलीम व डॉ. सारा तारिक़ को मिला अवार्ड , दुबई के एक पांच सितारा होटल में आयोजित की गई अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस


मुजफ्फरनगर। दुबई के एक पांच सितारा होटल में मेरुदंड की हड्डी संबंधी बीमारी को लेकर एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया है। इस कॉन्फ्रेंस में देश विदेश के इस बीमारी से संबंधित चिकित्सक शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया गया,  जिसमें भारत के  मुजफ्फरनगर के फिजियोथैरेपिस्ट डॉक्टर तारिक सलीम व डॉक्टर सारा तारिक़ ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।  दोनों को  दुबई के उद्योगपति द्वारा पेहर हैनरिक लिंग अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह अवॉर्ड मेरुदंड की बीमारी  एनकाईलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस एचएल ए बी 27 पॉजिटिव  पर उनके द्वारा किए गए शोध पर दिया गया। भारत देश के लिए भी है  बड़ी उपलब्धि है,  क्योंकि इस  अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में देश-विदेश के चिकित्सकों द्वारा इस गंभीर बीमारी एनकाईलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस एचएल ए बी 27 पॉजिटिव पर अपने शोध में विचार रखे गए थे। दोनों दोनों ने देश विदेश के चिकित्सकों के सामने इस कॉन्फ्रेंस में एनकाईलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस एचएल ए बी 27 पॉजिटिव जैसी बीमारी पर कर रहे अपनी रिसर्च व अभी तक किए गए कार्य का विवरण रखा। दोनों के द्वारा कम समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना भी एक बड़ी उपलब्धि है।
दुबई के एक 5 सितारा होटल में मेरुदंड की हड्डी संबंधित बीमारियों पर एक अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया है । इसमें इस बीमारी को लेकर देश विदेश के चिकित्सकों के द्वारा  इस बीमारी पर अपने व्याख्यान रखे गए। भारत की ओर से इस कॉन्फ्रेंस में प्रतिनिधित्व करने का अवसर एनकाईलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस एच एल ए-बी-27 पॉजिटिव संबंधी बीमारी पर कार्य कर देश- में नाम कमा चुके फिजियोथैरेपिस्ट डॉक्टर तारिक़ सलीम व डॉक्टर सारा तारिक़ ने किया। दोनों ने इस कॉन्फ्रेंस में एनकाईलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस एचएलए- बी-27 पॉजिटिव जैसी गंभीर मेरुदंड  की बीमारी  पर  अपनी की गई रिसर्च  व कार्य को रखा। दोनों को  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  उद्योगपति  अदिल अल बलोशी के द्वारा  पेहर हेनरिक लिं ग अवार्ड से सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस  शाम को 6:30 बजे आयोजित की गई।  इसमें टीम मैनेजमेंट के ऊपर  देश-विदेश से आए चिकित्सकों द्वारा  अपनी बात को रखा गया।  इसमें  भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए  डॉक्टर तारिक सलीम व डॉक्टर सारा ने  अपनी की गई रिसर्च अपने विचार को सामने रखा।  डॉ तारिक सलीम ने यह समझाने की कोशिश की कि किस प्रकार  दुनिया में लाइलाज क्या जाने वाली  इस बीमारी का इलाज संभव है । डॉ तारिक सलीम ने अपने द्वारा  इस बीमारी को लेकर  अपनाए गए तरीकों को भी  सबके सामने रखा और बताया कि यदि इस प्रकार अन्य देश भी  कार्य करें, तो काफी हद तक इस बीमारी पर पाई जा सकती है। उन्होंने आगे बताया कि पूरे भारत में  इस बीमारी एनकाईलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस एचएल ए बी 27 पॉजिटिव के  लगभग 40 लाख मरीज है,  तो  पूरे दुनिया में कितने मरीज होंगे  इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।  उन्होंने कहा कि कहा जा रहा है कि इस बीमारी एनकाईलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस एचएल ए बी 27 पॉजिटिव का कोई इलाज नहीं है।  इस बीमारी के इलाज के लिए महंगे इंजेक्शन लोग लेते हैं  और भीैं फिर भी कोई गारंटी नहीं होती। वहीं दूसरी ओर  डॉक्टर सारा तारिक ने अपने विचार रखते हुए बताया कि  वह और डॉक्टर तारिक सलीम  इस गंभीर बीमारी एनकाईलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस एचएल ए बी 27 पॉजिटिव को  एक चुनौती के रूप में लेते हुए  बिना दवाई के आए हुए मरीजों का सफल इलाज कर रहे हैं  और इस विषय में प्रचार प्रसार  सोशल मीडिया पर  यूट्यूब के माध्यम से आंकड़ों के कर रहे हैं । इसका लाभ  इस गंभीर बीमारी के मरीजों को हो रहा है। डॉक्टर सारा तारिक ने बताया कि  वह अपने किए गए एनकाईलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस एचएल ए बी 27 पॉजिटिव पर शोध को लेकर 2017 में  द वूमेन ऑफ इंडिया अवार्ड से सम्मानित हो चुकी है। यह यह सम्मान उनके लिए भी डॉ तारिक सलीम के लिए शुभ लक्षण है कि  उन्हें आज इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर  सम्मानित होकर एक नई पहचान मिली है।