दभेड़ी पशु पैंठ के विरुद्ध आंदोलन का बिगुल, केंद्रीय मंत्री व विधायक के घर धरना देगे रविन्द्र


मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना क्षेत्र में लगने वाली पशु पैठ को लेकर जबरदस्त बहस और धरना की स्थिति आ गई है .यह धरना किसी और ने नहीं बल्कि कवाल कांड में मारे गए सचिन चैधरी के पिता रविंद्र के द्वारा दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मिलीभगत से लगने वाली इस पशु पैठ का वे लगातार विरोध करेंगे। जिलाधिकारी को इस मामले में अवगत करा दिया गया है यदि उन्होंने कोई संज्ञान नहीं लिया तो वे विधायक एवं सांसद के घर पर धरना देंगे। इसके बाद लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री को वस्तु स्थिति से अवगत करायेंगे।


मीडिया सेंटर पर आयोजित प्रेस वार्ता करते हुए मलकपुरा निवासी रविंद्र सिंह व मदन सिंह ने बताया कि 11 नवम्बर को उन्होंने डीएम कार्यालय पर धरना दिया था। शाम के समय अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने आकर ज्ञापन लिया। साथ ही धरना समाप्त करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस संबध्ंा में उनकी जिलाधिकारी से वार्ता हुई जिलाधिकारी ने कहा है कि वे इस मामले में वे संज्ञान लेंगी। रविंद्र सिंह का आरोप है कि कुछ समय पूर्व ग्राम दभेडी में लगने वाली पशु पैठ का लाईसेंस निरस्त कर इसे बंद करा दिया गया था लेकिन अब किस कारण जिला पंचायत ने लाईसेंस देकर यह पशु पैठ शुरू करायी है यह समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में पशु पैठ में आये दिन झगडे होते थे गौ तस्कर विभिन्न संगठन के सदस्यों से आये दिन उलझते रहते थे। जब सरकार ने पशु पैठ बंद करायी थी तो अब क्या कारण थे और अब क्या वजह रही जिस कारण यह पशु पैठ शुरू करायी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह पशु पैठ पूरी तरह मिलीभगत से करायी जा रही है। सिर्फ पशु पैठ लगाने वालो को नाम बदल दिये गये है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले में ऊपर तक लडने का मन बनाया है यदि जिलाधिकारी ने इस मामले में संज्ञान नही लिया तो 13 नवम्बर को जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना दिया जायेगा। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक उमेश मलिक के आवास पर धरना देगे यदि वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई तो सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान के आवास पर धरना देंगे यदि नेताओं ने सुनवाई नहीं की तो वे इस संबंध में लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे तब उन्हे अवगत करायेंगे। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार गौवंश संवर्धन एवं नस्ल सुधार के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है व गौशालाएं खोल रही है वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के आदेशों की सरेआम धज्जियां उडाकर पशु पैठ लगवायी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट आदेश है कि प्रदेश में कहीं भी न तो नई पशु पैठ लगायी जाये और न ही कोई स्लाटर हाउस खोला जाये। लेकिन सरकारी आदेशों को धत्ता बताकर जिला पंचायत ने किस राजनेता के दबाव में मिलीभगत करके यह लाईसेंस दिया है इसकी जांच करायी जाये। उन्होंने कहा कि राजनेताओं ने उनके नाम को लगातार भुनाया और अब कोई भी राजनेता उनके साथ नहीं खडा हुआ है। उन्होंने कहा कि वे अपनी लडाई अब खुद लड रहे है। उन्होंने कहा कि वे कदम बढा चुके है अब पीछे नहीं हटेंगे और जब तक नयी लगने वाली पशु पैठ का लाईसेंस निरस्त नहीं किया जाता तो वे लगातार धरना देते रहेंगे।