नाइजीरियन स्कैमर अरेस्ट

देहरादून


  अपराधो के बदलते परिदृश्य में वर्तमान में जैसे जैसे तकनीकी सुविधाओ में इजाफा हो रहा है उतनी ही तेज गति से साईबर अपराधी साईबर क्राईम करने के लिये नित्य नये तरीके अपनाने लगे है, आज कल नाईजरियन स्केम के नाम से हो रही धोखाधडी जिसे साईबर अपराध की दुनिया में नाईजरियन 419 भी कहा जाता है इस प्रकार के स्कैम में अपराधियों द्वारा आम जनमानस को व्यापार में भागीदारी, लॉटरी जीतने, विदेशी फण्ड को भारत में निवेश करने के नाम पर फण्ड ट्रासफर एवं फेसबुक के माध्यम से दोस्ती कर उपहार भेजने का लालच देकर धोखाधड़ी की जाती है । पुलिस उप महानिरीक्षक एस0टी0एफ0 श्रीमती रिधिम अग्रवाल के द्वारा साईबर पुलिस स्टेशन को निर्देशित किया गया कि थाना साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन पर इसी प्रकार की आपराधिक विधि की ठगी  से सम्बन्धित  मु0अ0स0 15/19 धारा 420,120 बी भादवि 66 डी0 आईटी एक्ट में शीघ्र  साक्ष्य संकल्न कर आरोपीयो की गिरफ्तारी सुनिश्चित करे,उल्लेखनिय है कि उक्त अभियोग के सफल अनावरण करने हेतु अपर पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 के निकट पर्यवेक्षण में निरीक्षक श्री अमर चन्द शर्मा, साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था  जिसमें दिनाक 09/09/2019 को अभियुक्तगण 1- मनोज कुमार 2- LALMAL SAWAMI को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। उपरोक्त अभियुक्तगणो  से  पूछताछ में गैग की मुख्य भूमिका निभाने वाली अभियुक्ता NZANO YANTHAN एवं उसके नाईजरियन साथियो द्वारा बृहद स्तर पर उपरोक्त अपराध एवं अन्य लोगो से धोखाधडी प्रकाश में आई , प्राप्त साक्ष्यो एवं मोबाईल नम्बर व सभी तकनीकी साक्ष्यो का गहनता से विशलेषण किया गया  तो   ज्ञात हुआ कि NZANO YANTHAN दिल्ली महिपालपुर क्षेत्र में रह रही है जिसकी गिरफ्तारी के लिये पुलिस उप-महानिरीक्षक एस0टी0एफ0 द्वारा त्वरित पुलिस टीम को रवाना किया गया पुलिस टीम द्वारा दिनाक 28/09/19 को अभियुक्ता NZANO YANTHAN D/O TSENCHAM YANTHAN  R/O DIPHUPAR DIST- DIMAPUR, NAGALAND    को ए ब्लाक महिपालपुर नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया जिसके कब्जे से कई मोबाईल फोन ATM CARDS , PEN CARD  एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्ताबेज बरामद हुये 
अपराध-विधि –
गिरफ्तारशुदा अभियुक्ता द्वारा बताया गया कि वह नाईजरियन स्कैम गैग से जुडी हुई है, उसके नजदीकी ग्रुप में 6-7 नाईजरियन इस  प्रकार का अपराध करते है पुलिस एवं सर्विलांस की नजर से बचने के लिये इनके द्वारा एक नया तरीका इजाद किया गय़ा है कि कुछ नाईजरियन जो पहले भारत में रहकर अपराध करते थे और अब विदेश में रहकर ही आपराधिक गतिविधीयो का संचालन व सहयोग  कर रहे है एवं ग्रुप का पूर्ण संचालन जैसे कि विदेशी नम्बरो से काँल करना, ई-मेल भेजना ,व्हाट्स-अप करना आदि का कार्य करते है ताकि फसाय़े जा रहे जनता के सीधे- साधे लोगो  को इस बात का पूर्ण यकीन हो जाये कि विदेश से भेजे जाने वाली धनराशि के सम्बन्ध में कालर  की लोकेशन वास्तव में विदेश में ही है । दूसरी ओर इनके आपराधिक साथी  जो भारत में रह रहे है उनका मोबाईल नम्बर जनता के सीधे- साधे लोगो  को  भारत मे विदेशी कम्पनी के  ऐजेन्ट के रुप में उपलब्ध कराते है । 
इसके बाद पैसो के लेन–देन का खेल शुरु होता है जिसके लिये अधिकांशतः महिलाओ के फोन नम्बर का प्रयोग किया जाता है ताकि कस्टमर महिलाओ से बात करके पूर्णतः सन्तुष्ट  हो जाये । इस गैग से जुडी महिलायें जो कि अधिकांशतः नाँर्थ- ईस्ट  से सम्बन्ध रखती है इनका मुख्य काम पैसो की लेन – देन व अन्तिम निकासी के लिये खाते व एटीएम कार्ड उपलब्ध कराने होते है। जिसका कि तुरन्त या समय –समय पर दिया जाना वाला कमीशन/प्रतिशत पूर्व से  ही तय रहता है।
पूछताछ में चौकाने वाले तथ्य प्रकाश में आये कि नाईजरियन अपराधी भारत में भी वाटस-अप को अपने विदेशी नम्बर से ही चलाते है जिस कारण उनको ट्रेस करना कठिन होता है ,एवं इस गोरख धन्धे में बटवारा बडी ही इमानदारी से होता है ,एटीएम कार्ड एवं बैक खातो की कीमत या तो एक मुश्त तय होती है या फिर जब जब धोखा धडी से पैसा आयेगा तो पूर्व तय  प्रतिशत के मुताबिक नगद प्राप्त हो जाता है उन एटीएम कार्ड,क्रैडिट कार्ड एवं बैक खातो के एवज में अच्छा पैसा मिलता है जिनकी एटीएम लिमिट एवं आनलाईन पर्चेज लिमिट ज्यादा होती है 
NZANO YANTHAN ने यह भी बताया कि इस धन्धे में जुडी हम महिलायें एवं अन्य  स्थानीय लोग   मिशनरी चैरीटी सेन्टर एवं चर्ज आदि स्थानो पर आना – जाना ज्यादा रखते है । जहा हमें सीधे – साधे लोग बैक खाते एवं एटीएम के लिये आसानी से उपलब्ध हो जाते है जिनको हमारे षंडयन्त्र के बारे में कोई आभास नही होता है । पुलिस द्वारा कि गई पूछताछ में नाईजरियन अपराधीयो के बारे में  अहम जानकारीयां मिली है एवं उपरोक्त मुकदमे से सम्बन्धित धोखा –धडी से अतिरिक्त अन्य लोगो से कई लाख रुपयो  की  धोखा-धडी किये जाने के साक्ष्य भी मिले है । विश्लेषण के उपरान्त उम्मीद कि जा सकती कि ठगी गई धनराशि करोडो में हो सकती है ,जिस पर अभी कार्य किया जा रहा है एवं सम्बन्धित राज्यो व पीडितो से सम्पर्क किया जायेगा।। चूँकि अपराध करने का आपराधिक क्षेत्र असीमित है अतः शीघ्रातिशीघ्र सम्पूर्ण भारतवर्ष में प्राप्त जानकारी का विवेचनात्मक दृष्टि से आदान – प्रदान किया जायेगा
 पुलिस उप महानिरीक्षक एस0टी0एफ0 द्वारा पुलिस टीम को पुरस्कृत कि जाने की घोषणा की गयी है । 
  


 श्रीमति रिधिम अग्रवाल, पुलिस उप महानिरीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड द्वारा बताया गया कि साईबर अपराधीयो द्वारा आम जनता को  सोशल मीडिया के माध्यम से विदेशो से फंड भेजने , लाटरी , व्यवसाय में हिस्सेदारी व रोजगार व बैक लोन के सम्बन्ध में तरह-2 के प्रलोभन देकर जनता के सीधे –सादे व्यक्तियों की गाढी कमाई पर हाथ साफ कर लेते है । अतः जनता से अपील की जाती है , कि किसी भी अन्जान व्यक्ति के द्वारा सोशल मीडिया में  आंनलाईन लोन , लाटरी, फंड आदि के सम्बन्ध में सम्पर्क करने पर उनके झांसे में न आये ना ही अपना डाटा , ओटीपी , व खाते सम्बन्धी जानकारी एंव किसी भी तरह की व्यक्तिगत जानकारी को साझां न करने व शक होने पर नजदीकी पुलिस केन्द्र/साईबर पुलिस स्टेशन को अवश्य सम्पर्क करें । कोई भी जानकारी साझा होने पर आप किसी अप्रिय घटना के शिकार हो सकते है ।