श्रम अधिनियम में छूट देने का मतलब उद्योगपतियों के प्रति हमदर्दी का प्रदर्शन:अभिषेक चौधरी

मुज़फ्फरनगर ।राष्ट्रीय लोकदल  के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक चौधरी ने प्रदेश सरकार की श्रमिक विरोधी नीति को उजागर करते हुए कहा कि प्रदेश में श्रम अधिनियम में छूट देने का मतलब उद्योगपतियों के प्रति हमदर्दी का प्रदर्शन है,सरकार ने पहले ही श्रमिकों के प्रति उदासीन रवैया अपनाते हुए अन्य प्रदेशों में लॉकडाउन के फलस्वरूप फसे हुए लाखो मजदूरों को  लाने में पैंतीस दिनों तक हीलाहवाली करने की दुःखद साजिश की ,परंतु विपक्ष के साथ साथ आम जनमानस के  दबाव में सरकार को झुकना पड़ा,यद्धपि सरकार ने मजदूरों से किराया वसूल करके अपनी इच्छा पूरी कर ली,
प्रदेश में बढ़ने वाली बेरोज़गारी की भनक से अब सरकार ने उद्योगपतियों के पक्ष में श्रमिक अधिनियम में छूट  की घोषणा कर दी जिसका परिणाम यह होगा कि किसी भी उद्योग के विरुद्ध लेबर डिपार्टमेंट इन्फोर्समेंट नियम के तहत कार्यवाही नही होगी ओर श्रम विभाग का प्रवर्तन दल उनके यहाँ नही जाएगा,स्पष्ट है कि प्रत्येक स्तर पर उद्योगपतियों को मनमानी करने की छूट होगी।
श्री चौधरी ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार इन श्रमिको को रोजगार देने के पक्ष में है तो उसे प्रदेश में बंद पड़े सैंकड़ो उद्योगों को पुनः प्रारंभ करना चाहिए, ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को ध्यान में रखकर कुटीर उद्योगों को शुरू करने के लिए सहायता देने की प्रक्रिया के साथ बैको को निर्देशित करना चाहिए,विगत वर्ष में सम्पन्न इन्वेस्टर्स समिट के साइन होने वाले ए. ओ.एम.यू के उद्योगपतियों पर भी सरकार को दबाव बनाना चाहिए,ताकि शीघ्रता के साथ उद्योगों की स्थापना हो  ओर बेरोज़गारो को रोजगार मिल सके।
श्री चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल प्रदेश सरकार से मांग करता है कि कैबिनेट मीटिंग में पास किये गए श्रम अधिनियम के बदलाव को वापस ले।


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